Tuesday, March 27, 2018

मेरी प्यारी भतीजी


यह कौन है ?





यह तो चांदनी है जो घर में फेल गयी हें ,
 इसे देखकर दूध ओर संगमरमर की छवलताऍ शरमा गयी है !
चाँद ईष्या से जला तो कला पड़ गया , एक विचित्र सयोंग है यह तो सरस्वती की पुत्री है !
ज्ञान की देवी है चंचल लक्ष्मी का अवतार है पर विवेक से भरपूर है !
आओ विकू निजु भेरू शली सुशिला , इस गुलाबो को खूब पयार करे नाचे कूड़े खुशिया मनाये !
इस लड़ो को खूब लाड़ लडाये , कल तो इस की यश और कीर्ति की पताकाऍ दूर दूर तक फहरायेगी !




दोस्ती बड़ा रिश्ता नहीं...






प्यार का रिश्ता इतना गहरा नहीं होता, 
दोस्ती के रिश्ते से बड़ा कोई रिश्ता नहीं होता, 
कहा था इस दोस्ती को प्यार में न बदलो, 
क्यूंकि प्यार में धोखे के सिवा कुछ नहीं होता।



"अरमान रखता हू "





 मैं भारतवर्ष का हरदम अमिट सम्मान करता हूँ
यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ,
मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की,
तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ।

माँग कर तो देखो...








कही अँधेरा तो कहीं शाम होगी, 
मेरी हर ख़ुशी आपके नाम होगी, 
कुछ माँग कर तो देखो...दोस्त... 
होंठों पर हँसी और हथेली पर मेरी जान होगी।


वो राम की खिचड़ी...





वो राम की खिचड़ी भी खाता है, 
रहीम की खीर भी खाता है, 
वो भूखा है जनाब उसे, 
कहाँ मजहब समझ आता है।


दोस्ती में किसी का...







दोस्ती में किसी का इम्तिहान न लेना, 
निभा न सको वो किसी को वादा न देना, 
जिसे तुम बिन जीने की आदत न हो, 
उसे जिन्दगी जीने की दुआ न देना।


इश्क़ और दोस्ती...





दर्द था दिल में पर जताया कभी नहीं, 
आँसू थे आँखो में पर दिखाया कभी नहीं, 
यही फ़र्क है दोस्ती और प्यार में, 
इश्क़ ने हँसाया कभी नहीं... 
और दोस्तों ने रुलाया कभी नहीं।