" तोड़ा है सिर्फ एक तारा अभी "
तोड़ा है सिर्फ एक तारा अभी,
अभी तो लूटनी ये आसमान बाकी है,
देखे है चन्द ही नज़ारे अभी,
अभी तो सारा ये जहान बाकी है,
हिला के रख देंगे दम-ख़म से अपने,
जो पर्वत सर पे खला की है,
जब तक दिल में तूफानों से,
लड़-मरने का अरमान बाकी है.
:-सुहानता ‘शिकन’
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